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Wednesday, January 2, 2019

IPC Section 378 in Hindi - आईपीसी सेक्शन 378 क्या है ?



IPC Section 378 in Hindi - आईपीसी सेक्शन 378 क्या है ?




हेलो दोस्तो, आज हम बात करने वाले हैं भारतीय दंड संहिता की धारा 378 के बारे में, तो है क्या धारा 378 ?

भारतीय दंड संहिता की धारा 378 क्या है ?

भारतीय दंड संहिता की धारा 378 के अंतर्गत चोरी के अपराध आते हैं


चोरी क्या है ?

जो कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के कब्जे में से उस व्यक्ति की संपत्ति को बिना उसकी मर्जी से, बेईमानी से लेने का आशय रखते हुए उस संपत्ति को लेने की कोशिश करना या उसे उसके स्थान से हटाकर किसी गुप्त स्थान पर छुपाना चोरी कहलाता है ।


साधारण शब्दों में -  जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे की सहमति के बिना उसकी निजी वस्तुएं को अपराधिक आशय से उसके स्थान से हटाना, उसे किसी ऐसे स्थान पर छुपाना जहां पर कोई उसे ढूंढ ना सके चोरी कहलाता है उदाहरण के लिए राम ने श्याम के घर जाकर उसकी साइकिल अपने खेत में छुपा दी, श्याम के निरंतर प्रयास करने पर भी उसे उसकी साइकिल नहीं मिली अतः कुछ दिनों बाद उस की साइकिल राम के खेतों में खड़ी दिखी अर्थात राम ने श्याम की साइकिल चुराकर अपराध क्या है और वह चोर है।


IPC Section 378 in Hindi
IPC Section 378 in Hindi



स्पष्टीकरण (1) - जब तक कोई वस्तु वह भूबद्ध रहती है जंगम संपत्ति ने होने से चोरी का विषय नहीं होती, क्योंकि ज्यों ही वह भूमि से अलग की जाती है वह चोरी का विषय होने योग्य हो जाती है।

स्पष्टीकरण (2) - हटाना, चुराना, छुपाना जो उसी कार्य द्वारा किया गया है जिससे अलग किया गया है चोरी हो सकेगा ।

स्पष्टीकरण (3) - कोई व्यक्ति किसी चीज को उसके स्थान से हटाता है, या छुपाता है तो यह कहा जाता है कि जब वह उस बांधा को हटाता या छुपाता है तो उस चीज को हटाने से रोके हुए हो या जब वह उस चीज को किसी दूसरी चीज से अलग करता है तथा जब वास्तव में उसे हटाता है या छुपाता है ।


दृष्टांत (1)  - जिस जगह पर राधा का अजीबो है उसके बीच पर राधा की अंगूठी राम को मिलती है यहां वह अंगूठी राधा के कब्जे में है और यदि राम उसको बेमानी से छुपाता है तो वह चोर है अर्थात चोरी करता है।

(2) राम को राजमार्ग पर पड़ी हुई अंगूठी मिलती है जो किसी व्यक्ति की कब्जे में नहीं है राम ने उसके लेने से चोरी नहीं की है भले ही उसे संपत्ति का अपराधिक द्रव नियोग किया हो।

(3) राम एक वस्तु को उस समय तक रखने के आशय से जब तक कि उसकी प्रत्यावर्तन के लिए इनाम के रूप में उसे श्याम से धन अधिक प्राप्त में हो श्याम की संपत्ति के बिना श्याम के कब्जे में से लेता है यहां राम बेमानी से लेता है इसलिए राम ने चोरी की है

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