Section 497 IPC in Hindi: What is Adultery Section 497 IPC - Legal Gyan | Law Gyan | Legal Knowledge | Knowledge of Law

Information About Indian Law's. Legal Gyan. Knowledge of Legal Sections.

Top Topics

Tuesday, October 2, 2018

Section 497 IPC in Hindi: What is Adultery Section 497 IPC




क्या है धारा 497 
आईपीसी की धारा 497 के तहत अगर कोई शादीशुदा पुरुष किसी शादीशुदा महिला के साथ रजामंदी से संबंध बनाता है तो उस महिला का पति एडल्टरी के नाम पर इस पुरुष के खिलाफ केस दर्ज कर सकता है लेकिन वो अपनी पत्नि के खिलाफ किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है।
साथ ही इस मामले में शामिल पुरुष की पत्नी भी महिला के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं करवा सकती है। इसमें ये भी प्रावधान है कि विवाहेतर संबंध में शामिल पुरुष के खिलाफ केवल उसकी साथी महिला का पति ही शिकायत दर्ज कर कार्रवाई करा सकता है। 
Section 497 IPC in Hindi
Section 497 IPC in Hindi


पुरुष को कितनी सजा का प्रावधान 
अगर किसी पुरुष पर अवैध संबंध का आरोप साबित हो जाता है तो इसे अधिकतम सजा पांच साल की होती है। इस तरह के मामले की शिकायत किसी पुलिस स्टेशन में नही हो सकते बल्कि मजिस्ट्रेट के सामने की जाती है और सारे सबूत पेश करने होते है। सबूत पेश होने के बाद संबंधित व्यक्ति को समन भेजा जाता है।

कानून की यह जानकारी आपको बनाएगी जिम्मेदार और सजग नागरिक...


देश को सुचारू रूप से चलाने के लिए कानून बनाया जाता है और यह जरूरी है कि लोगों को इसकी पूरी जानकारी हो. जानें ऐसे ही कुछ कानून, जिनके बारे में पता होने से आपकी जिंदगी बेहतर हो सकती है ऐसा हमारे साथ अक्सर होता है कि हमें सड़क चलते कोई पुलिस वाला डांट-फटकार देता है और हम अपना सा मुंह लेकर किनारे हट जाते हैं. हालांकि, होना तो यह चाहिए कि हम अपने कानूनी अधिकारों को जानते हों और उस पुलिस वाले को यह बतला दें कि आपका इस तरह व्यवहार उचित नहीं.

ऐसे में हम आपको अवगत करा रहे हैं कुछ ऐसे ही कानूनों से जिन्हें जानना बेहद जरूरी है. इनको जान लेने के बाद आप कानूनी तौर पर गलत और सही का अंतर समझ पाएंगे और अपने साथ दूसरे नागरिकों को सुरक्षा और जागरूकता देंगे. 
1. गर्भवती महिलाओं को सुरक्षा...
भारतीय कानून के मुताबिक, देश में कोई भी कंपनी गर्भावस्था के दौरान किसी महिला कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाल सकती. ऐसा करने पर कार्रवाई का प्रावधान है !
2. बेटा-बेटी का हक बराबर है...
पैतृक संपत्ति में बेटों के साथ-साथ बेटियों का भी बराबर हक होता है. बेटियों को संपत्ति से वंचित नहीं किया जा सकता !
3. टॉयलेट में पानी मुहैया कराना...
भारतीय कानून के मुताबिक देश में सारे होटलों को बिना किसी शुल्क के टॉयलेट में पानी मुहैयया कराना होगा. ऐसा न करना कानूनन अपराध है !
4. महिला कांस्टेबल है जरूरी...
पुलिस किसी भी महिला को बिना महिला पुलिस कांस्टेबल के हिरासत में नहीं ले सकती. यहां तक कि घर में दबिश देने के दौरान भी महिला कांस्टेबल होनी जरूरी है !
5. गिरफ्तारी के दौरान अपराध जानने का अधिकार...
किसी भी शख्स को गिरफ्तारी से पहले यह जानने का अधिकार है कि उस पर क्या आरोप लगे हैं. साथ ही यह भी कि किस आधार पर उसे गिरफ्तार किया जा रहा है !
6. टॉयलेट में पानी मुहैया कराना...
भारतीय कानून के मुताबिक देश में सारे होटलों को बिना किसी शुल्क के टॉयलेट में पानी मुहैयया कराना होगा. ऐसा न करना कानूनन अपराध है !
7. महिला को कभी भी गिरफ्तार नहीं किया जा सकता...

पुलिस किसी भी महिला को सुबह होने से पहले और सूर्यास्त के बाद कानूनन गिरफ्तार नहीं कर सकती !
8. बलात्कार पीड़िता को आजादी...

बलात्कार और यौन हिंसा की शिकार महिला को आजादा है कि वो पुलिस स्टेशन जाने के बजाय घर पर ही अपना बयान दर्ज करा सकती है !
9. गाड़ी चलाते वक्त सारे कागजातों की जरूरत नहीं...

ऐसा जरूरी नहीं है कि आप गाड़ी या दोपहिया चलाते वक्त सभी असली कागजात साथ रखें. ड्राइविंग करते वक्त लाइसेंस और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट असली होने चाहिए. इंश्योरेंस और कार के RC की फोटो कॉपी भी चल जाएगी. इसके लिए आपका चालान नहीं काटा जा सकता !


No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad